UP Police Constable भर्ती 2025-26: पात्रता, पारिश्रमिक संरचना और रणनीतिक चयन प्रक्रिया का व्यापक विश्लेषण

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी की गई अधिसूचना संख्या PRPB-B (Constable PAC and Other Cadres) – 07/2025, राज्य के कानून-व्यवस्था तंत्र में एक युगांतरकारी निवेश का प्रतिनिधित्व करती है । कुल 32,679 रिक्तियों के साथ, यह भर्ती अभियान न केवल संख्यात्मक वृद्धि के लिए है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस के भीतर विशेषीकृत इकाइयों—जैसे नागरिक पुलिस, प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC), उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF), और जेल वार्डर—को सुदृढ़ करने की एक सुविचारित योजना है । यह रिपोर्ट इस व्यापक भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक आयाम का, पात्रता मानकों से लेकर वित्तीय लाभों और करियर विकास के अवसरों तक, एक विशेषज्ञ विश्लेषण प्रस्तुत करती है।   

Table of Contents

UP Police Constable भर्ती का संगठनात्मक ढांचा और रणनीतिक उद्देश्य

उत्तर प्रदेश पुलिस बल, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े एकल पुलिस संगठनों में से एक है, वर्तमान में एक व्यापक आधुनिकीकरण और विस्तार के दौर से गुजर रहा है। 2025 के पूर्वार्ध में 60,244 पदों पर की गई नियुक्तियों के ठीक बाद 32,679 अतिरिक्त रिक्तियों की घोषणा विभाग की परिचालन क्षमता को बढ़ाने की निरंतरता को दर्शाती है । इस भर्ती का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्रीय इकाइयों, थानों और विशेष सुरक्षा विंगों में जनशक्ति की कमी को दूर करना और पुलिस-जनसंख्या अनुपात में सुधार करना है ।   

एक महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार के रूप में, बोर्ड ने “वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR)” प्रणाली को अनिवार्य बनाया है । 31 जुलाई 2025 से प्रभावी यह प्रणाली उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने और डेटा की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए डिज़ाइन की गई है । यह बदलाव उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल गवर्नेंस और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।   

रिक्तियों का विस्तृत संवर्ग-वार और श्रेणी-वार विभाजन

32,679 रिक्तियों का वितरण विभिन्न सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। यह वितरण बल के भीतर कार्यात्मक विशिष्टता की आवश्यकता को स्पष्ट करता है।

UP Police Constable पद-वार रिक्तियों का विश्लेषण

भर्ती में सबसे बड़ा हिस्सा पी.ए.सी. (PAC) और नागरिक पुलिस का है, जो राज्य के आंतरिक सुरक्षा ढांचे के दो स्तंभ हैं।

पद का नामकुल रिक्तियांपुरुषमहिला
कांस्टेबल नागरिक पुलिस (Civil Police)10,46910,469*(20% क्षैतिज आरक्षण लागू)
कांस्टेबल पी.ए.सी. (PAC)15,13115,131
विशेष सुरक्षा बल (SSF)1,3411,341
महिला बटालियन2,2822,282
जेल वार्डर (Jail Warder)3,3853,279106
माउंटेड पुलिस (घुड़सवार)7171
कुल योग32,67930,2912,388

*नागरिक पुलिस में महिलाओं के लिए 20% आरक्षण का प्रावधान है, जो उन्हें मुख्यधारा की पुलिसिंग में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करता है ।   

UP Police Constable श्रेणी-वार आरक्षण का रणनीतिक वितरण

रिक्तियों का वितरण उत्तर प्रदेश के आरक्षण नियमों के अनुसार किया गया है, जो सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों को बल देता है।

संवर्गअनारक्षित (UR)EWSOBCSCSTकुल
नागरिक पुलिस4,1911,0462,8282,19820810,469
कांस्टेबल PAC6,0601,5124,0833,17630015,131
विशेष सुरक्षा बल (SSF)538134362281261,341
महिला बटालियन916228615478452,282

UP Police Constable पात्रता मानदंड: एक व्यापक मूल्यांकन

भर्ती की प्रक्रिया में केवल वे उम्मीदवार ही प्रवेश कर सकते हैं जो बोर्ड द्वारा निर्धारित शैक्षिक, आयु और शारीरिक मानकों को पूर्णतः संतुष्ट करते हैं।

शैक्षिक अर्हता और राष्ट्रीयता

आवेदकों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 10+2 (इंटरमीडिएट) या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है । शैक्षिक योग्यता आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तक पूर्ण होनी चाहिए; अंतिम वर्ष में अध्ययनरत उम्मीदवार आवेदन के पात्र नहीं हैं ।   

राष्ट्रीयता के संदर्भ में, आवेदक को भारत का नागरिक होना चाहिए। हालांकि, विशिष्ट श्रेणियों जैसे कि तिब्बती शरणार्थी (जो 1 जनवरी 1962 से पहले भारत आए हों) और भारतीय मूल के व्यक्ति जो पाकिस्तान, श्रीलंका, और कुछ पूर्वी अफ्रीकी देशों से स्थायी रूप से बसने के इरादे से आए हों, वे भी पात्रता प्रमाणपत्र के आधार पर पात्र माने जाते हैं ।   

UP Police Constable आयु सीमा और ऐतिहासिक आयु छूट का विश्लेषण

आयु सीमा इस भर्ती चक्र का सबसे संवेदनशील पहलू रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट प्रदान की है । यह निर्णय ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा में छूट) नियमावली, 1992’ के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य उन युवाओं को राहत देना है जो महामारी के कारण नियमित भर्ती न होने से आयु सीमा पार कर गए थे ।   

श्रेणीपुरुष (न्यूनतम – अधिकतम)महिला (न्यूनतम – अधिकतम)
सामान्य (UR) / EWS18 – 25 वर्ष18 – 28 वर्ष
OBC (उत्तर प्रदेश निवासी)18 – 30 वर्ष (5+3 वर्ष छूट सहित)18 – 33 वर्ष (5+3 वर्ष छूट सहित)
SC/ST (उत्तर प्रदेश निवासी)18 – 30 वर्ष (5+3 वर्ष छूट सहित)18 – 33 वर्ष (5+3 वर्ष छूट सहित)

आयु की गणना के लिए निर्णायक तिथि आमतौर पर 1 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है ।   

बहु-चरणीय चयन प्रक्रिया का क्रियान्वयन

चयन प्रक्रिया को उम्मीदवार की बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक क्षमताओं की व्यापक जांच के लिए चार मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है 。   

प्रथम चरण: लिखित परीक्षा (300 अंक)

यह परीक्षा चयन प्रक्रिया का आधार स्तंभ है। यह वस्तुनिष्ठ प्रकार की होती है और प्रायः ऑफलाइन (OMR) मोड में आयोजित की जाती है ।   

  • कुल प्रश्न: 150
  • कुल अंक: 300 (प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का)
  • नकारात्मक अंकन (Negative Marking): प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.50 अंक की कटौती की जाएगी 。   
  • समय अवधि: 120 मिनट (2 घंटे) 。   

परीक्षा का पाठ्यक्रम अत्यंत विस्तृत है और इसमें निम्नलिखित विषयों का समावेश होता है:

विषयप्रश्नों की संख्या (अनुमानित)प्रमुख उप-विषय
सामान्य ज्ञान (General Knowledge)38विज्ञान, इतिहास, संविधान, अर्थव्यवस्था, यूपी की संस्कृति, मानवाधिकार, साइबर क्राइम, GST, सोशल मीडिया 
सामान्य हिंदी (General Hindi)37व्याकरण, तद्भव-तत्सम, पर्यायवाची, विलोम, रस-छंद-अलंकार, प्रसिद्ध रचनाएं 
संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता38संख्या पद्धति, सरलीकरण, लाभ-हानि, प्रतिशत, समय और कार्य, तार्किक आरेख 
मानसिक अभिरुचि / तार्किक क्षमता37कोडिंग-डिकोडिंग, रक्त संबंध, दिशा ज्ञान, निर्णय क्षमता, विजुअल मेमोरी 

यह बहुआयामी पाठ्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि चयनित उम्मीदवार न केवल गणितीय रूप से सक्षम हो, बल्कि उसे देश के कानून, समाज और भाषा की भी गहरी समझ हो।

द्वितीय चरण: दस्तावेज़ सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST)

लिखित परीक्षा के परिणामों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाती है, जिसके बाद सफल उम्मीदवारों को DV/PST के लिए बुलाया जाता है ।   

पुरुष उम्मीदवारों के लिए शारीरिक मानदंड

पैरामीटरसामान्य / OBC / SCअनुसूचित जनजाति (ST)
ऊंचाई (न्यूनतम)168 सेमी160 सेमी
सीना (बिना फुलाए)79 सेमी77 सेमी
सीना (फुलाने पर)84 सेमी82 सेमी

*न्यूनतम 5 सेमी का फुलाव सभी श्रेणियों के लिए अनिवार्य है ।   

महिला उम्मीदवारों के लिए शारीरिक मानदंड

पैरामीटरसामान्य / OBC / SCअनुसूचित जनजाति (ST)
ऊंचाई (न्यूनतम)152 सेमी147 सेमी
वजन (न्यूनतम)40 किलोग्राम40 किलोग्राम

UP Police Constable तृतीय चरण: शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)

यह एक अर्हकारी (Qualifying) चरण है, जिसमें उम्मीदवार की शारीरिक सहनशक्ति का परीक्षण किया जाता है 。   

  • पुरुष: 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट के भीतर ।   
  • महिला: 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 मिनट के भीतर ।   

दौड़ पूरी करने में असमर्थ उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया से तुरंत बाहर कर दिया जाता है, जिससे केवल शारीरिक रूप से फिट व्यक्ति ही अंतिम सूची में स्थान पाते हैं 。   

UP Police Constable चतुर्थ चरण: चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination)

अंतिम चरण में एक विस्तृत चिकित्सा परीक्षण शामिल है, जहां दृष्टि (6/6 और 6/9), श्रवण शक्ति, और अन्य शारीरिक दोषों जैसे नॉक-नी (Knock Knees), फ्लैट फीट (Flat Feet), और कलर ब्लाइंडनेस (Color Blindness) की जांच की जाती है । दृष्टि दोष या गंभीर शारीरिक विकृति वाले उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।   

वित्तीय पारिश्रमिक संरचना: वेतन, भत्ते और दीर्घकालिक लाभ

यूपी पुलिस कांस्टेबल का पद एक आकर्षक वेतन संरचना और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, जो इसे राज्य के युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय करियर विकल्पों में से एक बनाता है ।   

UP Police Constable वर्तमान वेतनमान (7वां वेतन आयोग)

कांस्टेबल का पद पे मैट्रिक्स के लेवल-3 के अंतर्गत आता है 。   

घटकविवरण / राशि
पे स्केल (Pay Scale)₹21,700 – ₹69,100
ग्रेड पे (Grade Pay)₹2,000
प्रारंभिक मूल वेतन (Initial Basic Pay)₹21,700
अनुमानित सकल मासिक वेतन₹30,000 – ₹40,000
वार्षिक सकल आय₹4,20,000 – ₹5,40,000

UP Police Constable भत्तों और लाभों का विस्तृत विवरण

मूल वेतन के अतिरिक्त, पुलिस कर्मियों को कई अतिरिक्त भत्ते मिलते हैं जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाते हैं:

  1. महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA): यह मुद्रास्फीति के आधार पर समय-समय पर बढ़ाया जाता है ।   
  2. मकान किराया भत्ता (HRA): पोस्टिंग के शहर की श्रेणी (X, Y, Z) के आधार पर यह मूल वेतन का 8% से 24% तक होता है ।   
  3. नगर प्रतिपूरक भत्ता (City Compensatory Allowance): बड़े महानगरों में रहने के बढ़े हुए खर्चों की भरपाई के लिए ।   
  4. पोषण/राशन भत्ता (Ration Money): पुलिस कर्मियों के आहार स्वास्थ्य के लिए अतिरिक्त मासिक भुगतान ।   
  5. चिकित्सा सुविधा: कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों के लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उपचार का लाभ ।   
  6. वर्दी भत्ता: ड्यूटी के दौरान आवश्यक वर्दी के रखरखाव और खरीद के लिए वार्षिक या मासिक भत्ता 。   
  7. कठिनाई/जोखिम भत्ता (Risk & Hardship Allowance): विशेष क्षेत्रों या चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात कर्मियों के लिए ।   

8वें वेतन आयोग का संभावित प्रभाव और भविष्य का दृष्टिकोण

2026 में 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावनाओं के बीच, वेतन में 20-30% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। यदि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रहता है, तो प्रारंभिक मूल वेतन ₹26,040 से ₹28,210 तक बढ़ सकता है । यह वृद्धि कांस्टेबल के पद को और भी अधिक प्रतिस्पर्धी और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएगी।   

UP Police Constable शुद्ध मासिक आय (In-Hand Salary) और कटौतियां

एक नए भर्ती हुए कांस्टेबल की शुद्ध मासिक आय सकल वेतन में से कुछ अनिवार्य कटौतियों के बाद निर्धारित होती है:

विवरणराशि (अनुमानित)
सकल मासिक वेतन (Gross Salary)₹35,000 – ₹38,000
NPS योगदान (मूल वेतन + DA का 10%)~₹3,000
बीमा एवं अन्य कल्याण निधि~₹500
कुल शुद्ध आय (Take Home Salary)₹30,000 – ₹35,000

UP Police Constable प्रशिक्षण प्रणाली: रंगरूट से रक्षक बनने का सफर

चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद, उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश पुलिस के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों पर एक कठोर प्रशिक्षण चक्र से गुजरना पड़ता है। यह प्रशिक्षण उन्हें एक अनुशासित पुलिस अधिकारी के रूप में ढालने के लिए डिज़ाइन किया गया है ।   

प्रशिक्षण के विभिन्न चरण

  1. जे.टी.सी. (Junior Training Centre): यह नियुक्ति के ठीक बाद की एक महीने की अवधि होती है, जिसमें रंगरूटों को पुलिस विभाग की बुनियादी कार्यप्रणाली और अनुशासन से परिचित कराया जाता है ।   
  2. आर.टी.सी. (Recruit Training Centre): यह 9 महीने की गहन प्रशिक्षण अवधि है। इसमें कानून (IPC, CrPC, साक्ष्य अधिनियम), हथियार चलाने का कौशल, भीड़ नियंत्रण, और मानवाधिकार जैसे विषयों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है ।   
  3. फील्ड व्यावहारिक प्रशिक्षण: आर.टी.सी. पूरा करने के बाद, कांस्टेबलों को 3 महीने के लिए थानों में ‘प्रैक्टिकल ट्रेनिंग’ के लिए भेजा जाता है, जहां वे वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में वास्तविक स्थितियों का सामना करते हैं ।   

राज्य भर में स्थापित 112 प्रशिक्षण केंद्रों—जिनमें 33 स्थायी पी.ए.सी. बटालियन और 66 जिला पुलिस प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं—का उपयोग इस विशाल संख्या को प्रशिक्षित करने के लिए किया जाता है । प्रशिक्षण के दौरान भी, रंगरूटों को स्टाइपेंड के रूप में उनका मूल वेतन और कुछ भत्ते प्राप्त होते हैं ।   

UP Police Constable करियर विकास, पदोन्नति और कार्य प्रोफाइल

यूपी पुलिस में एक कांस्टेबल का करियर केवल शांति बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर विकास और विशेषज्ञता के अवसर प्रदान करता है।

सेवा की शर्तें और परिवीक्षा (Probation)

नवनियुक्त कांस्टेबलों को 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होती है 。 इस अवधि के दौरान उनके आचरण और कार्यक्षमता का निरंतर मूल्यांकन किया जाता है। सफल समापन पर ही उन्हें स्थायी सेवा में समाहित किया जाता है और वे भविष्य की पदोन्नति के पात्र होते हैं ।   

पदोन्नति पदानुक्रम (Career Ladder)

पुलिस बल में पदोन्नति वरिष्ठता और पात्रता परीक्षाओं पर आधारित होती है।

  1. कांस्टेबल (प्रवेश स्तर)
  2. हेड कांस्टेबल: सामान्यतः 5-7 वर्ष की सेवा के बाद 。   
  3. सहायक उप-निरीक्षक (ASI): 10-12 वर्ष की सेवा के बाद 。   
  4. उप-निरीक्षक (SI): 15-18 वर्ष की सेवा के बाद 。   
  5. निरीक्षक (Inspector): 20-25 वर्ष की सेवा के बाद ।   

विशेष परिस्थितियों और असाधारण साहस के प्रदर्शन पर ‘आउट-ऑफ-टर्न’ पदोन्नति का भी प्रावधान है।

UP Police Constable कांस्टेबल की मुख्य जिम्मेदारियां (Job Profile)

एक कांस्टेबल पुलिस बल की बुनियादी इकाई है, और उनकी भूमिका अत्यंत विविधतापूर्ण होती है:

  • प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करना: शिकायतों का प्रारंभिक पंजीकरण और विवरण भरना ।   
  • गश्त (Patrolling): अपराध रोकथाम के लिए क्षेत्रों की निगरानी करना ।   
  • जांच में सहायता: वरिष्ठ अधिकारियों को अपराध स्थल के संरक्षण और साक्ष्य जुटाने में मदद करना ।   
  • वीआईपी सुरक्षा और यातायात नियंत्रण: महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और सुचारू यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करना ।   
  • प्रशासनिक कार्य: रिपोर्ट तैयार करना और अदालती सम्मन की तामील करना ।   

संवर्ग विशेषज्ञता: नागरिक पुलिस, PAC और SSF में अंतर

उम्मीदवारों को अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न संवर्गों में सेवा करने का अवसर मिलता है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी विशिष्ट कार्य संस्कृति है।

नागरिक पुलिस (Civil Police)

यह बल का सार्वजनिक चेहरा है। इनका मुख्य कार्य थानों में तैनाती, अपराध की जांच, और प्रत्यक्ष सार्वजनिक सुरक्षा है। इसमें महिला कांस्टेबलों की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC)

पी.ए.सी. एक सैन्यीकृत इकाई है। इनका उपयोग बड़े दंगों को नियंत्रित करने, सार्वजनिक समारोहों में भीड़ प्रबंधन, और आपदा राहत के लिए किया जाता है। पी.ए.सी. कर्मियों को बटालियनों में तैनात किया जाता है और वे कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थितियों में ही तैनात किए जाते हैं ।   

उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF)

2020 में गठित यह बल विशेष रूप से उच्च-सुरक्षा क्षेत्रों जैसे अदालतों, मेट्रो रेल, हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा के लिए समर्पित है । एस.एस.एफ. कर्मियों को अत्याधुनिक तकनीकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जाता है।   

निष्कर्ष: एक भविष्योन्मुखी सुरक्षा निवेश

उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025-26 केवल एक रोजगार का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक दृढ़ता और सुरक्षा स्थिरता का एक प्रतिबिंब है। 32,679 पदों के माध्यम से, सरकार न केवल युवाओं को एक सम्मानित और आर्थिक रूप से सुरक्षित करियर प्रदान कर रही है, बल्कि पुलिस बल के भीतर एक नई ऊर्जा और आधुनिक दृष्टि का समावेश भी कर रही है।

ऐतिहासिक आयु छूट और डिजिटल ओ.टी.आर. प्रणाली ने इस भर्ती को अधिक समावेशी और सुलभ बना दिया है। आकांक्षी उम्मीदवारों के लिए, यह अवसर कड़ी मेहनत और रणनीतिक तैयारी की मांग करता है। व्यापक पाठ्यक्रम, शारीरिक मानकों की कठोरता, और प्रशिक्षण की गहनता यह सुनिश्चित करती है कि केवल सर्वश्रेष्ठ और सबसे प्रतिबद्ध व्यक्ति ही उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा के लिए चुने जाएं। आने वाले वर्षों में, ये नवनियुक्त पुलिस कर्मी न केवल राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे, बल्कि एक विकसित और सुरक्षित उत्तर प्रदेश के निर्माण में आधारशिला के रूप में कार्य करेंगे।

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